फिल्म का टाइटल ‘जोरू के गुलाम’ सुनते ही दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। मेकर्स...
जोहार संथाल डेस्क
भागदौड़ भरी दुनिया में आपकी आवाज दब जाती है,
लेकिन हम सुनते हैं हर जमीनी पुकार।
चाहे मुद्दा हो राजनीति का, संस्कृति का, कला-सिनेमा या समाज का,
आपकी कहानी को हम देंगें वो मंच जो हकीकत बयां करे।
यह फिल्म हर उस परिवार की कहानी कहती है, जहां रिश्ते केवल खून से नहीं, बल्कि भावनाओं...
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जोहार रांची, 17 जनवरी। जोहार संथाल (Johar Santhal) में आपका स्वागत है। भागदौड़ भरी दुनिया और आरोप-प्रत्यारोप...
स्थानीय लोगों का मानना है कि छायला सांदू की आत्मा आज भी दशम फॉल के आसपास भटकती...
निर्माता रत्नाकर कुमार ने कहा, “‘उमा’ मेरे दिल के बेहद करीब है। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं,...
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दोनों कार्यक्रमों को दर्शकों द्वारा खूब सराहा गया, जिनमें विद्यार्थी, शिक्षक, लेखक और साहित्य प्रेमी शामिल थे,...
जोहार रांची, 17 जनवरी। झारखंड राज्य बनने के 25 वर्ष पूरे कर विजन 2050 की ओर अपने...
विश्व आर्थिक मंच में अपने निर्माण के 25 वर्ष पूरे कर चुके युवा झारखंड की उपस्थिति केवल...
