फोटो - पीआरडी दुमका
जोहार दुमका, 3 फरवरी। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Jharkhand CM Hemant Soren) सोमवार को उपराजधानी दुमका (Dumka) में झारखंड मुक्ति मोर्चा के 47वें स्थापना दिवस (JMM 47 Sthapna Diwas) कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर हेमंत सोरेन ने अपने पिता दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन को याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज बाबा बहुत याद आ रहे हैं। वीर दिशोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें। जय झारखंड।”
झामुमो स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि आज दुमका में झारखंड मुक्ति मोर्चा परिवार के 47वें स्थापना दिवस में शामिल हुआ हूं। साथियों, आज हम स्थापना दिवस में उपस्थित तो हैं, लेकिन आज इतिहास का वो पन्ना है, जहां, जिन दिशोम गुरुजी ने हमें राह दिखाया, वो हमारे बीच नहीं है। हमें गर्व है कि हम ऐसे वीर सपूतों की औलाद हैं, जिनके दिखाए राह पर और जिनके विचारों को लेकर हम जनमानस के बीच हैं। जिनके आशीर्वाद से आज यहां के गरीब-गुरूबा लोगों के लिए, यहां के आदिवासी-मूलवासियों के लिए, हमारी आधी आबादी के लिए, हम बड़े पैमाने पर काम कर रहे हैं।
झारखंड के लोगों के लिए काम कर रहे हैं : हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आप सभी के आशीर्वाद के साथ हम झारखंड के लोगों के लिए काम कर रहे हैं। आप देखेंगे जिन अंग्रेजों के खिलाफ हम लोगों के पूर्वज लड़ते थे, हमको जमीन पर बैठाया जाता था, वो अंग्रेज, जो हमारे पीठ पर कोड़ा चलाते थे, हमारे पूर्वजों को घर के अंदर घुसने नहीं देते थे, आज उनसे आगे हमारे युवा बढ़ रहे हैं। हमने ऐसा कानून बनाया कि आज अंग्रेजों के साथ बगल में बैठकर हमारा युवा उच्च शिक्षा ले रहा है। आज वैश्विक मंच में आदिवासी राज्य से आदिवासी नौजवान प्रतिनिधित्व करने जाता है। हमारे राज्य में बहुत प्राकृतिक संसाधन हैं। इस देश का सबसे अधिक खनिज हमारे राज्य से निकलता है, लेकिन हमारे केंद्र सरकार द्वारा बजट पेश होता है तो झारखंड का नाम ही नहीं लिया जाता है।
झारखंड के लोग राजनीतिक चक्रव्यूह को भी समझते हैं…
उन्होंने कहा कि सभी चीजें हमारी नजर में है और झारखंड के साथ हम अन्याय नहीं होने देंगे। हमारे विरोधी हमें कमजोर समझते थे, लेकिन उनकी चाल चलने से पहले हम उनके षड्यंत्र को ध्वस्त कर देते हैं। अब झारखंड के लोग राजनीतिक चक्रव्यूह को भी समझते हैं और राजनीतिक षड्यंत्र भी। अभी नगर निकाय का चुनाव भी होने वाला है। बातें बहुत है, मैंने पहले भी कहा यहां उत्साह अद्भुत है। आप सब यहां इस मैदान में, ठंड में आएं, बड़े-बुजुर्ग, माताएं-बहनों, सभी को मैं नमन करता हूं, जोहार करता हूं। आपकी एकजुटता ही हमारी ताकत है। ये ताकत कमजोर न हो पाए, ये संकल्प के साथ आज स्थापना दिवस पर दिशोम गुरुजी को श्रद्धांजलि देकर भी हम प्रतिज्ञा करके जाएं कि हम अपने बाल-बच्चों को पढ़ाएंगे, लिखाएंगे, काबिल बनाएंगे, और राज्य का, गांव का, समाज का नाम रौशन करेंगें।
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