फोटो - जोहार संथाल डिजिटल डेस्क
जोहार रांची, 30 दिसंबर। दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), रांची द्वारा आयोजित 25 दिवसीय माली प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन 29 दिसंबर 2025 को हुआ। यह प्रशिक्षण जिला उद्यान पदाधिकारी, रांची द्वारा प्रायोजित था, जो झारखंड सरकार की उद्यान विकास योजना के अंतर्गत संचालित किया गया।
यह प्रशिक्षण 5 दिसंबर 2025 से 29 दिसंबर 2025 तक आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य रांची जिले में अलंकृत बागवानी, लैंडस्केपिंग तथा अर्बन गार्डनिंग के क्षेत्र में दक्ष जनशक्ति तैयार करना था। रांची जिले के 14 प्रखंडों से कुल 40 प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण में भाग लिया, जिनमें ग्रामीण एवं पेरि-अर्बन क्षेत्रों के युवा और प्रगतिशील उद्यान प्रेमी शामिल थे।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सजावटी पौधों की पहचान, उनकी प्रवर्धन तकनीक, रखरखाव, उद्यान की स्थापना एवं प्रबंधन, शहरी बागवानी तथा बागवानी के माध्यम से रोजगार के अवसरों के बारे में विस्तार से बताया गया। दिव्यायन केवीके के सभी वैज्ञानिकों ने उद्यानिकी, बागवानी कौशल तथा आजीविका उन्मुख विषयों पर विभिन्न तकनीकी सत्र लिए, जबकि सजावटी उद्यानिकी क्षेत्र से आमंत्रित विषय विशेषज्ञों ने विशेष कक्षाएँ संचालित कीं।
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व्यावहारिक अनुभव के लिए प्रतिभागियों को आईसीएआर-आरसीईआर, फार्मिंग सिस्टम्स रिसर्च सेंटर फॉर हिल एंड प्लेटो रीजन (एफएसआरसीएच एंड पीआर), रांची का भ्रमण कराया गया, जहां उन्हें वाणिज्यिक उद्यानिकी, उसकी संभावनाओं तथा क्षेत्र में चल रहे विभिन्न व्यावसायिक मॉडल की जानकारी दी गई। एक अन्य एक्सपोजर विजिट के तहत उन्हें एनएचबी प्रमाणित फल पौधशाला ‘फल उद्योग नर्सरी’, नामकुम ले जाया गया, जहाँ प्रतिभागियों ने वाणिज्यिक फल पौधशाला की स्थापना एवं संचालन, नर्सरी लेआउट, रोपण सामग्री के मानक तथा व्यवसाय प्रबंधन आदि सीखा।
29 दिसंबर को आयोजित समापन समारोह में प्रत्येक प्रतिभागी को एक गार्डनिंग किट प्रदान की गई, जिसमें सिकेटियर, ग्राफ्टिंग एवं बडिंग नाइफ, हेज शियर, स्प्रेयर, खुर्पी, ट्रॉवेल आदि आवश्यक औज़ार शामिल थे, ताकि वे प्रशिक्षण के तुरंत बाद स्वयं बागवानी कार्य प्रारंभ कर सकें और सीखे हुए कौशल का अभ्यास कर सकें। सभी प्रतिभागियों को 25 दिवसीय प्रशिक्षण पूर्ण करने का प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया।
समापन कार्यक्रम में महेश राज, जिला उद्यान पदाधिकारी, रांची; डॉ. अजीत कुमार सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, दिव्यायन केवीके, रांची; डॉ. रवीन्द्र कुमार सिंह, वैज्ञानिक (उद्यानिकी), दिव्यायन केवीके, रांची; तथा स्वामी ईश्वरानंद, प्रशिक्षण समन्वयक, रामकृष्ण मिशन आश्रम, रांची उपस्थित रहे।
डॉ. अजीत कुमार सिंह ने केवीके की भूमिका तथा इसके मण्डेटेड कार्यक्रमों, विशेषकर रांची जिले के किसानों एवं ग्रामीण युवाओं के लिए आयोजित प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास गतिविधियों की जानकारी दी।
जिला उद्यान पदाधिकारी महेश राज ने नर्सरी स्थापना, संरक्षित खेती एवं अन्य उद्यानिकी योजनाओं के माध्यम से रांची जिले के ग्रामीण युवाओं के लिए उपलब्ध रोजगार अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
स्वामी ईश्वरानंद ने कार्य और सफलता में आध्यात्मिकता के महत्व पर बल देते हुए सभी प्रतिभागियों से हर भूमिका में आध्यात्मिक मूल्यों को धारण करने का आह्वान किया।
डॉ. रवीन्द्र कुमार सिंह ने प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया कि वे केवीके में प्राप्त ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग कैसे करें तथा भविष्य में कृषिविज्ञान केंद्र की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों से किस प्रकार लाभ उठा सकते हैं। (प्रेस विज्ञप्ति)
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