फोटो - पीआरडी रांची
जोहार रांची, 25 फरवरी। झारखंड सरकार (Jharkhand Sarkar) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अबुआ दिशोम बजट (Abua Dishom Budget) की घोषणा कर दी है। इस बजट में आदिवासी कल्याण, शैक्षणिक निरंतरता और सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। राज्य सरकार ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की शिक्षा को प्रोत्साहन देने तथा ड्रॉपआउट दर कम करने पर विशेष जोर दिया है।
इसे भी पढ़ें – बाहा परब : संथाल समुदाय की पारंपरिक होली, प्रकृति को नमन करने का पर्व
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की जन-आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लाया गया अबुआ दिशोम बजट 2026-27 है। वर्ष 2050 तक युवा झारखंड का समृद्ध बनने का सफर सुगम एवं तीव्रता से भरा हो, यह सुनिश्चित करने के लिए बजट में कई प्रावधान किए गए हैं, जिसे आने वाले समय में आप धरातल पर होता भी देखेंगे। आज इस अवसर पर सभी को बहुत-बहुत बधाई, शुभकामनाएं और जोहार।
सरकारी विद्यालयों में कक्षा 8 में अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को साइकिल वितरण योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा। इसका उद्देश्य शैक्षणिक निरंतरता सुनिश्चित करना और विशेषकर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में विद्यालय पहुंच की समस्या को कम करना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के लिए 136 करोड़ रुपए के बजटीय प्रावधान का प्रस्ताव रखा गया है।
जनजातीय समुदायों के सतत विकास, सामाजिक उत्थान और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए जमशेदपुर के गालूडीह-घाटशिला क्षेत्र में पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह विश्वविद्यालय जनजातीय संस्कृति, भाषा, परंपरा और शोध को बढ़ावा देने के साथ-साथ उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराएगा।
इसे भी पढ़ें – ओलचिकी लिपि : पंडित रघुनाथ मुर्मु और 100 वर्षों की भाषाई सशक्तीकरण की यात्रा
इसके अतिरिक्त, जनजातीय समुदायों के विद्यार्थियों के लिए शहरी क्षेत्रों में बहुमंजिला मॉडल छात्रावासों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से कराया जा रहा है, ताकि उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिल सकें। उच्च शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के दायरे का विस्तार किया गया है।
अब इस योजना के तहत अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को भी यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड नॉर्दर्न आयरलैंड के चयनित विश्वविद्यालयों में मास्टर्स और एम.फिल. पाठ्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 24 विद्यार्थियों का चयन किया गया था, जिसे बढ़ाकर 50 कर दिया गया है।
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संचालित विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1,216 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित है। वहीं, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के लिए कुल 3,568.19 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। सरकार का कहना है कि इन प्रावधानों से आदिवासी एवं वंचित वर्गों के शैक्षणिक सशक्तिकरण, सामाजिक उन्नयन और आर्थिक भागीदारी को नई गति मिलेगी।
—–समाप्त—–
