फोटो - पीआरडी रांची
जोहार रांची, 5 फरवरी। महाशिवरात्रि 2026 को लेकर उपायुक्त सह अध्यक्ष, रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति, (Mahashivratri Ranchi Pahadi Mandir Samiti Baithak) मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी को विधि-व्यवस्था को व्यवस्थित रखने और पर्व के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में उपायुक्त ने महाशिवरात्रि के आयोजन से संबंधित विभिन्न आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही सदस्यों के बहुमूल्य सुझावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं, सुरक्षा, सजावट, विधि-व्यवस्था एवं अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहन चर्चा हुई।
मंदिर प्रवेश एवं पूजा व्यवस्था
15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रातः सरकारी पूजा के समापन के उपरांत आम भक्तों हेतु मंदिर का द्वार खोला जाएगा।
सभी मंदिरों में अर्धा सिस्टम (बारी-बारी/शिफ्ट प्रणाली) से जलाभिषेक कराया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन एवं पूजा का अवसर प्राप्त हो।
सजावट एवं सौंदर्यीकरण
समस्त मंदिरों की पुष्पों से भव्य सजावट की जाएगी तथा आकर्षक पुष्प द्वार का निर्माण किया जाएगा।
पूर्व से कार्यरत टेन्ट हाऊस से टेन्ट, कुर्सी, टेबल, बैरिकेडिंग आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
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सुविधा एवं सूचना व्यवस्था
खोया-पाया एवं अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं के प्रसारण हेतु प्रभावी साउंड सिस्टम की स्थापना की जाएगी।
आरती का लाइव प्रसारण दूरदर्शन से करने पर विचार किया गया। ताकि भक्त अपने आराध्य का दर्शन घर पर टीवी के माध्यम से कर सकें।
सुरक्षा, विधि-व्यवस्था एवं सहायक सेवाएं को लेकर निर्देश।
विधि-व्यवस्था, यातायात व्यवस्था, नगर निगम, चिकित्सा दल एवं अग्निशमन दल की पर्याप्त प्रतिनियुक्ति हेतु संबंधित विभागों को निर्देश।
पुलिस, वॉलंटियर्स, पाहन सदस्यों एवं अन्य ड्यूटी में तैनात कर्मियों हेतु भोजन की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
अतिरिक्त मजदूरों की नियुक्ति करने के निर्देश।
अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा एजेंसी का अनुबंध 1 दिसंबर 2025 से जून 2026 तक के लिए विस्तारित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक के दौरान महत्वपूर्ण निर्णय
कोषाध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी।
दैनिक प्रसाद भोग (खीर/हलवा/खिचड़ी) हेतु प्रतिदिन राशि प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
महाशिवरात्रि 2026 के विभिन्न मदों में अनुमानित व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई।
श्रद्धालुओं से अपील की कि महाशिवरात्रि के दौरान प्लास्टिक का उपयोग न करें।
उपायुक्त ने आम श्रद्धालुओं से अपील की कि महाशिवरात्रि के दौरान प्लास्टिक का उपयोग न करें। इसके स्थान पर कपड़े से बने झोले, बांस की टोकरी, दोना-पत्तल एवं अन्य प्राकृतिक सामग्री का प्रयोग करें। स्थानीय दुकानदार भी प्लास्टिक मुक्त विकल्प अपनाएं।
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महिला सुरक्षा पर विशेष निर्देश
महिला सुरक्षा पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए गए कि छेड़छाड़, छिनतई, पॉकेटमारी एवं चोरी जैसी घटनाओं पर पूर्ण रोक लगाने हेतु महिला एवं पुरुष पुलिस बल के साथ-साथ सादे लिबास में पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती करने एवं इस वर्ष ऐसी घटनाओं पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
बिजली विभाग को गर्भगृह सहित समस्त क्षेत्र में बिजली सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति हेतु कर्मियों की तैनाती करने का निर्देश दिया गया।
पहाड़ी मंदिर के आस-पास अतिक्रमण हटाने तथा पुलिस अधीक्षक (नगर) को असामाजिक तत्वों पर नजर रखते हुए स्थानीय थाना द्वारा निरंतर पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) को पहाड़ी मंदिर के आस-पास अतिक्रमण हटाने तथा पुलिस अधीक्षक (नगर) को असामाजिक तत्वों पर नजर रखते हुए स्थानीय थाना द्वारा निरंतर पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
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अधिकारियों का सहयोग का आश्वासन
उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि महाशिवरात्रि पूजा में परंपराओं का पूर्ण निर्वहन हो। बैठक में उपस्थित समिति सदस्यों, पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों ने सहयोग का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने सभी से अपेक्षा की कि पूरे उत्सव को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं भक्ति भाव से परिपूर्ण बनाने में पूर्ण सहयोग प्रदान करें। (प्रेस विज्ञप्ति)
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