फोटो - पीआरडी पाकुड़
जोहार पाकुड़, 31 जनवरी। भारत सरकार द्वारा केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (Pakur Dharti Aaba Janjatiya Utkarsh Abhiyan) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिला स्तरीय समिति की बैठक उपायुक्त, पाकुड़ मनीष कुमार की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित की गई।
बैठक के दौरान जनजातीय क्षेत्रों में आजीविका सुदृढ़ीकरण एवं मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। समिति द्वारा योजनांतर्गत लाभुकों का चयन करते हुए 7 टैंक बायोफ्लॉक इकाई, तीन पहिया वाहन-सह-आईस बॉक्स तथा मोटरसाइकिल सह आईस बॉक्स हेतु लाभुकों को स्वीकृति प्रदान की गई।
उपायुक्त ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का उद्देश्य जनजातीय समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ -साथ स्वरोजगार के अवसरों का सृजन करना है। उन्होंने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि चयनित लाभुकों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे मत्स्य पालन एवं विपणन के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि कर सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि बायोफ्लॉक तकनीक कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली आधुनिक तकनीक है, जिससे जनजातीय क्षेत्रों में मत्स्य उत्पादन को नई गति मिलेगी। साथ ही परिवहन सुविधा उपलब्ध होने से मत्स्य उत्पादों के सुरक्षित भंडारण एवं विपणन में भी सुविधा होगी। (प्रेस विज्ञप्ति)
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